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कामसूत्र ने दाम्पत्य उल्लास एवं संतृप्ति के लिए यौन-क्रीड़ा को आधार माना है। दाम्पत्य जीवन में उल्लास एवं उमंग का संचार तभी होता है जब पति पत्नी दोनों में मानसिक तालमेल हो, दोनों एक दूसरे के परिपूरक बनने का प्रयास करें तथा यौन क्रीड़ा के समय पारस्परिक सहयोग करें और अपने अपने लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ निरन्तर आगे बढ़ते रहें। दाम्पत्य जीवन में सतत रसवर्षा के लिए ही महर्षि ने अपने कामसूत्र में यौन प्रेम के रहस्यों का उद्घाटन किया है एवं यौन क्रीड़ा तथा तकनीक का सूक्ष्म तथा विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया है।
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