Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

आधुनिक युग का प्रेम दिल-विल, प्यार-व्यार

हर पल रहता है मुझे उसका इंतज़ार,
सपनों में मिलते हैं और करते हैं अपने प्यार का इज़हार ,
दिल जब उसका मुझे बुलाएगा ,
प्यार की चाह में वो मुझे अपने पास पाएगा,
हर तरफ होगा प्यार ही प्यार,
नहीं होगा तन्हाई का मंज़र,
नहीं होगा तन्हा सफ़र,
आँखों में नहीं होगी किसी की तलाश,
हर पल रहेगा वो मेरे साथ बनकर प्यार का एहसास!



बड़ा सताता बड़ा रुलाता है
यह आधुनिक युग का प्रेम
मोबाइल का बिल बढ़वाता

मां-बाप से झूठ बुलवाता
नए-नए फैशन करवाता है
यह आधुनिक युग का प्रेम
बड़ा सताता बड़ा रुलाता है
यह आधुनिक युग का प्रेम

इन प्रेम पुजारियों की यही व्यथा
दिनभर रहते हैं चिंतित
रात को भी नींद न आए
कभी ऑर्कुट कभी फेस बुक पर जाएं
बड़ा सताता, बड़ा रुलाता है
यह आधुनिक युग का प्रेम

मैं न झुकूंगी, मैं न झुकूंगा
मैं सही हूं यह बताकर रहूंगा
अहंकार की गाड़ी पर चलता
कभी फिसलता, कभी संभलता
ऊपरी चमक- दमक से सुशोभित
शारीरिक आकर्षण में डूबा
प्रीत की नई परिभाषा यह प्रेम
बड़ा सताता, बड़ा रुलाता है
यह आधुनिक युग का प्रेम

अरे प्रेमियों इतना जानो
प्रेम की भावना को पहचानो
जो शर्तों पर आधारित है
अविश्वास से प्रताड़ित है
सिसकियों की नींव पर रखा
जीवन की प्रगति में बाधा
परिवारजनों से दूर है करता
वह नहीं है सच्चा प्रेम

एक सहारा, दृढ़ हो विश्वास
समझदारी की हो जिसमें बात
अंतरात्मा को जो छू कर जाए
आपको आपसे मिलवाए
वह होता है सच्चा प्रेम
बड़ा सताता, बड़ा रुलाता है
यह आधुनिक युग का प्रेम।


अस्वीकरण